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Loktantr

जय भारत जय विश्व

वर्तमान में देश के जन - जन (जनता) को इस समझ को समझना ही पड़ेगा कि अब देश में नेता की नहीं जन सेवक की जरुरत है। फायदा बेहिसाब है. देश का ही नहीं देश के जन - जन को।  देश भक्त समझ जायेंगे। और जो नहीं समझ पा रहे है वो जान जायेंगे। क्योंकि यह बात जन - जन समझता ही है की कैसे नेता, सत्ता सुख और स्वयं के मान के लिए समाज को तोड़ रहे है, अपितु यह समझ हर कोई रखता है। 

जन नेता, जन - जन नेता

जन नेता, जन - जन नेता. विचार करे की देश के धन का कितना % देश के नेताओं को मिलता है सुविधाओं और अन्य रूप में . फिर भी घोटाला होता हैIऔर देश के धन को अपना बना कर नेता, राजनीति मे अपने वर्तमान को और भविष्य को सवारने के लिए लगे रहते हैI
परिवर्तन होना अनिवार्य है भारत के लोकतान्त्रिक प्रणाली में। 

जागो जन-जन जागो भारत

 विश्व में सभी धार्मिक विचारधाराओं और पवित्र धार्मिक ग्रंथो में और श्रद्धेय  कहते है, ईश्वर एक है और धर्म जोड़ता है. फिर कौन एक मानव समाज को तोड़ रहा है ? विचार करना और एक होना पड़ेगा. ॐ Prakash



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